कृषि भूगोल (Agricultural Geography)
- कृषि का स्थान, महत्व और प्रकार: अन्न, नकदी और मिश्रित कृषि
- कृषि के कारक: जलवायु, मृदा, श्रम, पूंजी और बाजार
- कृषि परिदृश्य का भौगोलिक वितरण
- कृषि परिवर्तन और हरित क्रांति
- भारत और अन्य देशों में कृषि परिदृश्य
1. कृषि का स्थान, महत्व और प्रकार (Importance and Types of Agriculture)
(i) कृषि का स्थान (Place of Agriculture in Economy & Society)
- कृषि एक प्राथमिक आर्थिक गतिविधि है, जो भोजन, कच्चे माल और रोजगार प्रदान करती है।
- यह विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, विशेष रूप से भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में।
- आधुनिक युग में व्यावसायिक और तकनीकी कृषि का विस्तार हुआ है।
(ii) कृषि का महत्व (Importance of Agriculture)
- भोजन और पोषण का स्रोत – धान, गेहूं, मक्का जैसी फसलें मानव आहार का प्रमुख हिस्सा हैं।
- रोजगार प्रदान करना – भारत की लगभग 50% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।
- औद्योगिक विकास में सहायक – कपड़ा उद्योग (कपास, जूट), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि पर आधारित हैं।
- विदेशी मुद्रा अर्जन – चाय, कॉफी, मसाले, फल आदि के निर्यात से राजस्व प्राप्त होता है।
- पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना – जैविक कृषि और सतत कृषि पारिस्थितिक संतुलन में सहायक होती है।
(iii) कृषि के प्रकार (Types of Agriculture)
कृषि को आर्थिक गतिविधि, उत्पादन पद्धति और भौगोलिक स्थितियों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बाँटा जाता है।
(a) अन्न कृषि (Food Crop Farming)
- मुख्य रूप से अनाज उत्पादन के लिए की जाती है।
- प्रमुख फसलें: गेहूं, धान (चावल), मक्का, बाजरा, ज्वार।
- भारत, चीन, अमेरिका प्रमुख खाद्यान्न उत्पादक देश हैं।
(b) नकदी कृषि (Cash Crop Farming)
- ऐसी कृषि जिसमें फसलें बाजार में बेचने के लिए उगाई जाती हैं।
- प्रमुख फसलें: कपास, गन्ना, चाय, कॉफी, जूट, तंबाकू।
- नकदी कृषि भारत, ब्राजील, कोलंबिया, वियतनाम में प्रमुख है।
(c) मिश्रित कृषि (Mixed Farming)
- इसमें फसल उत्पादन के साथ पशुपालन भी शामिल होता है।
- विकसित देशों जैसे अमेरिका, यूरोप में अधिक प्रचलित।
- यह पारिस्थितिक संतुलन और आय के विविध स्रोत प्रदान करता है।
2. कृषि के कारक (Factors Affecting Agriculture)
कृषि की उत्पादकता और स्वरूप विभिन्न भौतिक और आर्थिक कारकों पर निर्भर करती है।
(i) भौतिक कारक (Physical Factors)
- जलवायु (Climate) – तापमान, वर्षा और आर्द्रता कृषि पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।
- धान और गन्ने के लिए अधिक वर्षा आवश्यक होती है।
- गेहूं और जौ ठंडे जलवायु में उगते हैं।
- मृदा (Soil) – विभिन्न फसलों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की मृदा आवश्यक होती है।
- काली मृदा → कपास, जलोढ़ मृदा → गेहूं और धान।
- जल संसाधन (Water Resources) – सिंचाई और प्राकृतिक जल स्रोत कृषि की उत्पादकता को प्रभावित करते हैं।
(ii) आर्थिक और सामाजिक कारक (Economic & Social Factors)
- श्रम (Labour) – श्रमिकों की उपलब्धता और कौशल कृषि उत्पादकता को प्रभावित करते हैं।
- पूंजी (Capital) – उन्नत बीज, मशीनरी, उर्वरकों के लिए पूंजी आवश्यक होती है।
- बाजार (Market) – मांग और आपूर्ति कृषि उत्पादन को निर्धारित करती है।
- तकनीकी प्रगति (Technology) – ट्रैक्टर, सिंचाई प्रणाली, जैविक खेती कृषि उत्पादकता बढ़ाते हैं।
3. कृषि परिदृश्य का भौगोलिक वितरण (Geographical Distribution of Agriculture)
- भारत: पंजाब, हरियाणा (गेहूं उत्पादन), पश्चिम बंगाल, ओडिशा (धान उत्पादन), महाराष्ट्र (गन्ना, कपास)।
- अमेरिका: बड़े पैमाने पर मकई, गेहूं और सोयाबीन की व्यावसायिक खेती।
- चीन: धान उत्पादन में अग्रणी।
- ब्राजील: कॉफी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।
4. कृषि परिवर्तन और हरित क्रांति (Agricultural Transformation & Green Revolution)
(i) कृषि परिवर्तन (Agricultural Transformation)
कृषि में समय के साथ बदलाव होते रहे हैं:
- परंपरागत कृषि → व्यावसायिक कृषि।
- कृषि में मशीनीकरण और जैव प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग।
- जैविक कृषि (Organic Farming) और सतत कृषि (Sustainable Agriculture) का विस्तार।
(ii) हरित क्रांति (Green Revolution)
- 1960 के दशक में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक और उर्वरकों का उपयोग किया गया।
- मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभावी रहा।
- सकारात्मक प्रभाव: खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि, आत्मनिर्भरता।
- नकारात्मक प्रभाव: मृदा क्षरण, रासायनिक उर्वरकों से पर्यावरणीय हानि।
5. भारत और अन्य देशों में कृषि परिदृश्य (Agricultural Landscape in India and Other Countries)
(i) भारत में कृषि परिदृश्य
- 60% से अधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर।
- कृषि जलवायु पर निर्भर (मानसून आधारित)।
- प्रमुख फसलें: गेहूं, धान, गन्ना, कपास, दलहन, तिलहन।
- कृषि समस्याएँ: जल संकट, छोटे खेत, पारंपरिक तकनीक।
(ii) अन्य देशों में कृषि परिदृश्य
| देश | प्रमुख कृषि विशेषताएँ |
|---|---|
| अमेरिका | मशीनीकरण, व्यावसायिक कृषि, मकई, गेहूं उत्पादन |
| चीन | धान उत्पादन में अग्रणी, बड़े कृषि क्षेत्र |
| ब्राजील | कॉफी, सोयाबीन, गन्ने की खेती |
| फ्रांस | मिश्रित कृषि, डेयरी उद्योग, जैविक खेती |
कृषि विश्व की आर्थिक और सामाजिक संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तकनीकी प्रगति और हरित क्रांति ने कृषि उत्पादन में सुधार किया, लेकिन इससे पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। भविष्य में, सतत कृषि और जैविक खेती के माध्यम से कृषि को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाया जा सकता है।