तटीय क्षेत्र और द्वीप समूह (Coastal Areas and Islands of India)
भारत एक अर्धद्वीपीय देश है, जिसकी समुद्री सीमा लगभग 7,516.6 किलोमीटर लंबी है। यह समुद्री सीमा अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, और हिंद महासागर से घिरी हुई है। भारत का तटीय क्षेत्र पूर्वी तट और पश्चिमी तट में विभाजित है, जिनका अपना अलग भौगोलिक, जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र है। इसके अलावा, भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीप समूह भी स्थित हैं, जो पारिस्थितिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
- भारत के प्रमुख तट: पश्चिमी और पूर्वी तट
- सुंदरवन, कच्छ का रण, कोंकण क्षेत्र
- अंडमान और निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप
1. भारत के प्रमुख तट (Major Coasts of India)
(i) पश्चिमी तट (Western Coast of India)
पश्चिमी तट अरब सागर से घिरा हुआ है और यह गुजरात से लेकर केरल तक फैला हुआ है। इस तट की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
| राज्य | प्रमुख तटीय क्षेत्र | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| गुजरात | कच्छ और काठियावाड़ तट | कच्छ का रण, मरीन नेशनल पार्क। |
| महाराष्ट्र | कोंकण तट | मुंबई बंदरगाह, अलीबाग, गणपतिपुले। |
| गोवा | गोवा तट | प्रसिद्ध समुद्री पर्यटन स्थल – बागा, कैंडोलिम। |
| कर्नाटक | करावली तट | मंगलुरु और कारवार बंदरगाह। |
| केरल | मालाबार तट | कोचीन बंदरगाह, बैकवॉटर क्षेत्र। |
(ii) पूर्वी तट (Eastern Coast of India)
पूर्वी तट बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है और यह ओडिशा से तमिलनाडु तक फैला हुआ है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
| राज्य | प्रमुख तटीय क्षेत्र | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| ओडिशा | उड़ीसा तट | चिल्का झील, गहिरमाथा कछुआ अभयारण्य। |
| आंध्र प्रदेश | कोरोमंडल तट | विशाखापत्तनम बंदरगाह, कृष्णा-गोदावरी डेल्टा। |
| तमिलनाडु | कोरोमंडल तट | चेन्नई बंदरगाह, महाबलीपुरम। |
2. प्रमुख तटीय विशेषताएँ (Major Coastal Features of India)
(i) सुंदरवन (Sundarbans)
- यह बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित है और विश्व की सबसे बड़ी मैंग्रोव वनस्पति वाला क्षेत्र है।
- यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर और गंगा डॉल्फिन पाई जाती हैं।
- यह युनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) के रूप में संरक्षित है।
(ii) कच्छ का रण (Rann of Kutch)
- यह गुजरात में स्थित है और अत्यधिक लवणीय क्षेत्र है।
- यहाँ “रण उत्सव” प्रसिद्ध है।
- यह फ्लैमिंगो और जंगली गधे के लिए प्रसिद्ध है।
(iii) कोंकण तट (Konkan Coast)
- यह महाराष्ट्र और गोवा के तटीय भागों में स्थित है।
- यहाँ पर्वतीय और समुद्री पर्यटन स्थल पाए जाते हैं।
- मुंबई, जो भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह है, इस क्षेत्र में स्थित है।
3. भारत के द्वीप समूह (Islands of India)
(i) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands)
- यह द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में स्थित है और 572 द्वीपों का समूह है।
- यहाँ का प्रमुख द्वीप “ग्रेट निकोबार” है, जो भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु इंदिरा पॉइंट है।
- यह द्वीप विविध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ नेशनल मरीन पार्क स्थित है।
- यहाँ की जनजातियाँ – ओंगे, जारवा, सेंटीनेलीज, शोंपेन – भारत की सबसे पुरानी जनजातियों में से हैं।
(ii) लक्षद्वीप द्वीप समूह (Lakshadweep Islands)
- यह अरब सागर में स्थित है और इसमें 36 प्रवाल द्वीप (Coral Islands) शामिल हैं।
- इन द्वीपों में नारियल की खेती और मत्स्य पालन मुख्य व्यवसाय हैं।
- यह भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है।
4. तटीय क्षेत्र और द्वीपों का आर्थिक एवं पारिस्थितिक महत्व
(i) आर्थिक महत्व
- बंदरगाह और व्यापार – मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे बड़े बंदरगाह।
- मत्स्य पालन – भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है।
- पर्यटन उद्योग – गोवा, केरल, अंडमान द्वीप पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध हैं।
(ii) पारिस्थितिक महत्व
- मैंग्रोव वनस्पति – समुद्री तूफानों से सुरक्षा प्रदान करती है।
- कोरल रीफ्स (Coral Reefs) – समुद्री जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- नमभूमि (Wetlands) – प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
5. तटीय और द्वीपीय पारिस्थितिकी पर संकट (Threats to Coastal and Island Ecology)
- तटीय प्रदूषण – औद्योगिक कचरा और तेल रिसाव से समुद्र प्रदूषित हो रहा है।
- जलवायु परिवर्तन और समुद्र स्तर वृद्धि – द्वीपों और तटीय क्षेत्रों पर खतरा।
- मछली पकड़ने की अत्यधिक गतिविधियाँ – समुद्री जैव विविधता को खतरा।
- मैंग्रोव वनों का विनाश – इससे चक्रवातों और तटीय कटाव का खतरा बढ़ता है।
6. संरक्षण और सतत विकास के प्रयास (Conservation and Sustainable Development Efforts)
(i) सरकारी प्रयास
- “ब्लू इकोनॉमी” (Blue Economy) नीति – समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग।
- “नेशनल कोस्टल मिशन” – तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए।
- “मैंग्रोव संरक्षण कार्यक्रम” – समुद्री जैव विविधता को बचाने के लिए।
- “स्वच्छ समुद्र अभियान” – समुद्री प्रदूषण को रोकने के लिए।
(ii) नागरिकों की भूमिका
- समुद्री कचरे को कम करना और रिसाइकलिंग को बढ़ावा देना।
- प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना।
- समुद्री पारिस्थितिकी की रक्षा में जनभागीदारी।
भारत का तटीय क्षेत्र और द्वीप समूह आर्थिक, पारिस्थितिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हालाँकि, पर्यावरणीय समस्याओं, जलवायु परिवर्तन और मानवीय हस्तक्षेप से इन क्षेत्रों को खतरा बना हुआ है। सरकार और समाज को मिलकर सतत विकास और संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए तटीय और द्वीपीय पारिस्थितिकी को संरक्षित रखा जा सके।