पृथ्वी की गति (Earth’s Movements)
पृथ्वी विभिन्न प्रकार की गतियों में संलग्न है, जो इसके पर्यावरण और जलवायु पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं। मुख्य रूप से पृथ्वी दो प्रमुख गतियों— घूर्णन (Rotation) और परिक्रमण (Revolution) में रहती है। इस अध्याय में, हम इन गतियों, उनके प्रभावों, और समय मापन से संबंधित अवधारणाओं का अध्ययन करेंगे।
- पृथ्वी का घूर्णन और परिक्रमण: ऋतुओं, दिन और रात पर प्रभाव
- पेरिहेलियन और एपहेलियन
- मानक समय, समय क्षेत्र, और अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा
1. पृथ्वी का घूर्णन (Rotation of the Earth)
- पृथ्वी अपनी धुरी (Axis) पर पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है।
- यह घूर्णन 23.5° झुकी हुई धुरी पर होता है।
- पृथ्वी को अपनी धुरी पर एक पूरा चक्कर लगाने में 24 घंटे लगते हैं, जिसे एक सौर दिवस कहा जाता है।
1.1 दिन और रात का निर्माण
- पृथ्वी के घूर्णन के कारण दिन और रात का निर्माण होता है।
- जब पृथ्वी का कोई भाग सूर्य के सामने होता है, तो वहाँ दिन होता है, और जब वह भाग सूर्य से दूर होता है, तो वहाँ रात होती है।
1.2 कोरिओलिस प्रभाव (Coriolis Effect)
- पृथ्वी के घूर्णन के कारण चलती हुई वस्तुएं अपनी दिशा में थोड़ा मुड़ जाती हैं।
- उत्तरी गोलार्ध में वस्तुएं दाएँ मुड़ती हैं, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में वे बाएँ मुड़ती हैं।
- यह प्रभाव महासागरीय धाराओं और पवन प्रणाली को प्रभावित करता है।
2. पृथ्वी का परिक्रमण (Revolution of the Earth)
- पृथ्वी सूर्य के चारों ओर अंडाकार (Elliptical) कक्षा में घूमती है।
- इसे एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 365.25 दिन लगते हैं, जिसे हम एक वर्ष मानते हैं।
- हर चौथे वर्ष में एक अतिरिक्त दिन (29 फरवरी) जोड़ा जाता है, जिसे लीप वर्ष कहा जाता है।
2.1 ऋतुओं का निर्माण
- पृथ्वी की धुरी 23.5° झुकी होने के कारण सूर्य की किरणें अलग-अलग समय पर अलग-अलग स्थानों पर सीधी पड़ती हैं।
- इससे चार प्रमुख ऋतुएं बनती हैं:
- वसंत (Spring)
- ग्रीष्म (Summer)
- शरद (Autumn)
- शीत (Winter)
2.2 पेरिहेलियन और एपहेलियन (Perihelion and Aphelion)
- पेरिहेलियन (Perihelion): जब पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीक होती है (लगभग 3 जनवरी को)।
- एपहेलियन (Aphelion): जब पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होती है (लगभग 4 जुलाई को)।
- यह दूरी का अंतर तापमान पर हल्का प्रभाव डालता है, लेकिन मुख्यतः ऋतुएं पृथ्वी की झुकी हुई धुरी के कारण बनती हैं।
3. समय मापन और अंतर्राष्ट्रीय समय रेखा
3.1 मानक समय और समय क्षेत्र (Standard Time and Time Zones)
- पृथ्वी को 24 समय क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक 15° देशांतर के अंतराल पर स्थित है।
- प्रत्येक क्षेत्र के समय को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के सापेक्ष निर्धारित किया जाता है।
3.2 अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line – IDL)
- यह रेखा प्रशांत महासागर के बीच 180° देशांतर रेखा के निकट स्थित होती है।
- इस रेखा को पार करने पर तिथि में परिवर्तन हो जाता है। पश्चिम की ओर जाने पर एक दिन बढ़ जाता है, जबकि पूर्व की ओर जाने पर एक दिन कम हो जाता है।
पृथ्वी की गति— घूर्णन और परिक्रमण— न केवल दिन-रात और ऋतुओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि यह जलवायु, महासागरीय धाराओं और वैश्विक समय प्रणाली को भी प्रभावित करती है। इन गतियों को समझना हमें पृथ्वी और इसके पर्यावरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।