भारत में प्राकृतिक आपदाएँ (Natural Disasters in India)

 भारत में प्राकृतिक आपदाएँ (Natural Disasters in India)

प्राकृतिक आपदाएँ वे घटनाएँ होती हैं जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण होती हैं और जिनका मानव जीवन, संपत्ति, और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। भारत अपनी भौगोलिक स्थिति और जलवायु परिस्थितियों के कारण विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है, जिनमें भूकंप, बाढ़, चक्रवात, सूखा, और सुनामी प्रमुख हैं। इन आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन और राहत उपायों की आवश्यकता होती है।

  • भूकंप, बाढ़, चक्रवात, सूखा, और सुनामी
  • आपदा प्रबंधन और राहत उपाय

1. भूकंप (Earthquake)

(i) भूकंप क्या है?

भूकंप धरती की सतह के नीचे स्थित टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण उत्पन्न होने वाली कंपन की घटना है। यह ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण होता है, जिससे धरती की सतह हिलने लगती है।

(ii) भारत में भूकंप संभावित क्षेत्र (Earthquake Prone Zones in India)

भारत को भूकंपीय जोन (Seismic Zones) में विभाजित किया गया है:

  • जोन V (सबसे अधिक खतरा): जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्य, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।
  • जोन IV (उच्च खतरा): दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र का कुछ भाग।
  • जोन III (मध्यम खतरा): राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश।
  • जोन II और I (कम खतरा): दक्षिण भारत और दक्कन का पठार।

(iii) भूकंप के प्रभाव

  • संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान – इमारतों, पुलों और सड़कों का ध्वस्त होना।
  • जनहानि – हजारों लोगों की मृत्यु और घायल होने की संभावना।
  • सुनामी – यदि भूकंप समुद्र में आता है, तो यह सुनामी उत्पन्न कर सकता है।

(iv) भूकंप प्रबंधन के उपाय

  1. भूकंप-रोधी भवन निर्माण – सख्त भवन कोड अपनाना।
  2. अर्ली वार्निंग सिस्टम (Early Warning System) – भूकंप पूर्व चेतावनी के लिए सिस्मोग्राफ का उपयोग।
  3. आपदा बचाव अभ्यास (Disaster Drills) – स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अभ्यास कराना।

2. बाढ़ (Floods)

(i) बाढ़ क्या है?

जब अत्यधिक वर्षा के कारण नदी, झील या समुद्र का जलस्तर बढ़ जाता है और आसपास के इलाकों में फैल जाता है, तो उसे बाढ़ कहते हैं।

(ii) भारत में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र (Flood Prone Areas in India)

  • गंगा और ब्रह्मपुत्र घाटी – उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम।
  • गोदावरी और कृष्णा नदी बेसिन – आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र।
  • केरल और तमिलनाडु – मानसून के दौरान और चक्रवात के कारण।

(iii) बाढ़ के प्रभाव

  • फसल और संपत्ति का नुकसान।
  • संक्रामक रोगों का फैलाव।
  • परिवहन और संचार सेवाओं का ठप हो जाना।

(iv) बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन

  1. बांध और जलाशय बनाना।
  2. नदी के किनारों को मजबूत करना।
  3. वर्षा जल संचयन और जल निकासी प्रणाली को सुधारना।

3. चक्रवात (Cyclones)

(i) चक्रवात क्या है?

चक्रवात एक तीव्र गति से घूमने वाली वायुमंडलीय प्रणाली होती है, जो समुद्र के गर्म जल के ऊपर बनती है और तेज़ हवाओं और भारी वर्षा के साथ तटों पर टकराती है।

(ii) भारत में चक्रवात प्रभावित क्षेत्र

  • पूर्वी तट (अधिक प्रभावित): पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु।
  • पश्चिमी तट: महाराष्ट्र, गुजरात, केरल।

(iii) प्रमुख चक्रवातों के उदाहरण

  • 2019 – फानी (ओडिशा)।
  • 2020 – अम्फान (पश्चिम बंगाल, ओडिशा)।
  • 2021 – ताउते (गुजरात, महाराष्ट्र)।

(iv) चक्रवात से बचाव के उपाय

  1. चक्रवात चेतावनी प्रणाली विकसित करना।
  2. समुद्री तटों पर वृक्षारोपण करना।
  3. समुद्र तट पर रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थान बनाना।

4. सूखा (Drought)

(i) सूखा क्या है?

जब किसी क्षेत्र में लंबे समय तक वर्षा नहीं होती, जिससे जल स्रोतों में कमी आ जाती है और फसल उत्पादन प्रभावित होता है, तो उसे सूखा कहा जाता है।

(ii) भारत में सूखा प्रभावित क्षेत्र

  • राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र।
  • तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश।

(iii) सूखे के प्रभाव

  • कृषि उत्पादन में कमी।
  • पेयजल संकट।
  • पशुपालन और ग्रामीण जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव।

(iv) सूखे से बचाव के उपाय

  1. वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना।
  2. सिंचाई तकनीकों का सुधार करना (ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर इत्यादि)।
  3. सुखा-रोधी फसलें उगाना।

5. सुनामी (Tsunami)

(i) सुनामी क्या है?

सुनामी समुद्र में आए भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन के कारण उत्पन्न होने वाली विशाल समुद्री लहरें होती हैं, जो तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचा सकती हैं।

(ii) भारत में सुनामी प्रभावित क्षेत्र

  • अंडमान और निकोबार द्वीप।
  • तमिलनाडु, केरल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश।

(iii) 2004 की विनाशकारी सुनामी

  • 26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में आए भूकंप के कारण सुनामी आई थी।
  • भारत में 12,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
  • सबसे अधिक प्रभावित राज्य: तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार, केरल।

(iv) सुनामी से बचाव के उपाय

  1. सुनामी चेतावनी प्रणाली (Tsunami Early Warning System)।
  2. तटीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण।
  3. आपातकालीन निकासी योजनाएँ।

6. आपदा प्रबंधन और राहत उपाय (Disaster Management and Relief Measures)

(i) भारत में आपदा प्रबंधन प्रणाली

  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) – 2005 में स्थापित।
  • राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
  • भारतीय मौसम विभाग (IMD) – बाढ़, चक्रवात, भूकंप की भविष्यवाणी।

(ii) आपदा न्यूनीकरण के उपाय

  1. बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  2. प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग।
  3. आपदा पूर्व तैयारी और जागरूकता अभियान।

भारत में भूकंप, बाढ़, चक्रवात, सूखा, और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएँ बार-बार आती हैं। आपदा प्रबंधन के प्रभावी उपायों द्वारा इनके प्रभाव को कम किया जा सकता है। सतत विकास (Sustainable Development) और आपदा तैयारी ही भारत को आपदा-रोधी देश बना सकते हैं।