राज्य सरकार (State Government)

 राज्य सरकार (State Government)

भारतीय संविधान संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें अपनी-अपनी भूमिकाओं और अधिकार क्षेत्रों में कार्य करती हैं। राज्य सरकार संविधान के अनुच्छेद 152 से 237 के अंतर्गत स्थापित की गई है। राज्य सरकार के मुख्य अंग हैं: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिपरिषद, और राज्य विधानमंडल।


क. राज्यपाल (Governor)

राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। राज्यपाल का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, लेकिन उन्हें राष्ट्रपति द्वारा पद से हटाया भी जा सकता है।

1. राज्यपाल की शक्तियाँ और कार्य

(a) कार्यकारी शक्तियाँ
  • मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति।
  • राज्य प्रशासन की देखरेख।
  • विभिन्न महत्वपूर्ण अधिकारियों, जैसे राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General), की नियुक्ति।
  • संविधान के अनुसार केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य।
(b) विधायी शक्तियाँ
  • राज्य विधानमंडल का सत्र बुलाना, स्थगित करना, और भंग करना।
  • विधानमंडल के सामने वार्षिक संबोधन देना।
  • विधेयकों को अपनी स्वीकृति, अस्वीकृति, या राष्ट्रपति की अनुमति के लिए भेजने का अधिकार।
  • अध्यादेश जारी करने का अधिकार (अनुच्छेद 213)।
(c) न्यायिक शक्तियाँ
  • दोषियों को क्षमा, दंड माफी, और दंड कम करने का अधिकार।
  • राज्यपाल राज्य कानूनों के तहत यह अधिकार रखते हैं।
(d) आपातकालीन शक्तियाँ
  • राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करना (अनुच्छेद 356)।
  • किसी क्षेत्र विशेष में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु कदम उठाना।

2. राज्यपाल की विवेकाधीन भूमिका

  • मुख्यमंत्री की नियुक्ति, जब स्पष्ट बहुमत न हो।
  • सदन में विश्वास मत का आदेश देना।
  • अध्यादेश जारी करना, जब विधानसभा स्थगित हो।
  • राष्ट्रपति को विशेष रिपोर्ट भेजना।

ख. मुख्यमंत्री (Chief Minister)

मुख्यमंत्री राज्य सरकार का वास्तविक प्रमुख होता है। वह राज्यपाल का मुख्य सलाहकार और राज्य मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष होता है।

1. मुख्यमंत्री की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

(a) कार्यकारी प्रमुख के रूप में
  • मंत्रिपरिषद का नेतृत्व और समन्वय।
  • राज्य के प्रशासनिक कामकाज का संचालन।
  • मंत्रियों की नियुक्ति और विभागों का आवंटन।
(b) विधानमंडल में भूमिका
  • विधानमंडल में सरकार का प्रतिनिधित्व।
  • नीतियों और योजनाओं को प्रस्तुत करना।
  • विधेयकों के निर्माण और पारित कराने में नेतृत्व।
(c) केंद्र-राज्य संबंधों में भूमिका
  • राज्यपाल और केंद्र सरकार के बीच समन्वय।
  • केंद्र सरकार से राज्य के लिए आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक सहायता प्राप्त करना।
(d) अन्य जिम्मेदारियाँ
  • जनता के कल्याण के लिए नई योजनाएँ बनाना।
  • राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखना।

ग. राज्य मंत्रिपरिषद (State Council of Ministers)

1. संरचना

  • मंत्रिपरिषद का नेतृत्व मुख्यमंत्री करता है।
  • इसमें तीन प्रकार के मंत्री होते हैं:
    1. कैबिनेट मंत्री (Cabinet Ministers): नीति निर्माण में मुख्य भूमिका।
    2. राज्यमंत्री (Ministers of State): कैबिनेट मंत्रियों की सहायता।
    3. उपमंत्री (Deputy Ministers): राज्यमंत्रियों की सहायता।

2. कार्य और जिम्मेदारियाँ

  • राज्य प्रशासन को सुचारु रूप से चलाना।
  • नीतियों और योजनाओं का निर्माण।
  • राज्य विधानमंडल में सरकार के कार्यों का बचाव।
  • केंद्र सरकार के साथ समन्वय।

3. सामूहिक और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व

  • मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी होती है।
  • प्रत्येक मंत्री अपने विभाग के कामकाज के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होता है।

घ. राज्य विधानमंडल (State Legislature)

1. संरचना

भारतीय संविधान के अनुसार, राज्य विधानमंडल दो प्रकार का हो सकता है:

  1. एकसदनीय विधानमंडल (Unicameral Legislature):
    • इसमें केवल एक सदन होता है, जिसे विधानसभा कहा जाता है।
    • अधिकांश राज्यों में यह व्यवस्था है।
  2. द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature):
    • इसमें दो सदन होते हैं:
      • विधानसभा (Legislative Assembly):
        • जनता के प्रतिनिधियों का सदन।
        • सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है।
      • विधान परिषद (Legislative Council):
        • यह राज्यों के कुछ विशेष वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है।
        • सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है।

2. शक्तियाँ और कार्य

(a) विधायी कार्य
  • कानून बनाने की प्रक्रिया।
  • राज्य की बजट और वित्तीय मामलों में निर्णय।
(b) कार्यपालिका पर नियंत्रण
  • प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, और अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से कार्यपालिका पर निगरानी।
(c) वित्तीय शक्तियाँ
  • वित्त विधेयकों को पारित करना।
(d) संविधान संशोधन में भूमिका
  • राज्य से संबंधित संवैधानिक संशोधनों पर सहमति।

3. विधानमंडल की विशेष समितियाँ

  • ये समितियाँ विशेष विषयों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
  • विधेयकों और नीतियों का गहन अध्ययन करती हैं।

राज्य सरकार भारतीय संघीय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यपाल एक संवैधानिक प्रमुख के रूप में कार्य करता है, जबकि मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद राज्य प्रशासन के वास्तविक संचालक होते हैं। राज्य विधानमंडल कानून निर्माण और कार्यपालिका पर नियंत्रण सुनिश्चित करता है। यह व्यवस्था राज्य सरकार को प्रभावी और उत्तरदायी बनाती है।