परिवहन और संचार (Transport and Communication)

परिवहन और संचार (Transport and Communication)

  • परिवहन के प्रकार: सड़क, रेल, जल, और वायु परिवहन
  • वैश्विक और राष्ट्रीय परिवहन मार्गों का भौगोलिक वितरण
  • संचार के प्रमुख साधन: टेलीफोन, इंटरनेट, सैटेलाइट संचार
  • वैश्वीकरण और इसके परिवहन और संचार पर प्रभाव
  • पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टिकोण से परिवहन और संचार की चुनौतियाँ

1. परिवहन के प्रकार (Types of Transport)

परिवहन आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ है। इसे चार प्रमुख वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:

(i) सड़क परिवहन (Road Transport)

  • सबसे लचीला और सुलभ परिवहन माध्यम, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ता है।
  • भारत में सड़कें:
    • राष्ट्रीय राजमार्ग (NHs): प्रमुख शहरों और राज्यों को जोड़ने वाले मार्ग।
    • स्वर्णिम चतुर्भुज योजना: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाली सड़क परियोजना।
    • ग्रामीण सड़कें: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत विकसित।
  • विश्व में सड़क नेटवर्क: अमेरिका, चीन और भारत के पास सबसे बड़े सड़क नेटवर्क हैं।

(ii) रेल परिवहन (Rail Transport)

  • बड़े पैमाने पर माल और यात्रियों को लंबी दूरी तक ले जाने के लिए उपयुक्त।
  • भारत में रेलवे:
    • विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेलवे प्रणाली।
    • मेट्रो और बुलेट ट्रेन परियोजनाएँ (जैसे – मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन)।
  • विश्व में रेलवे:
    • सबसे लंबी रेलवे नेटवर्क – अमेरिका, चीन, रूस।
    • यूरोप और जापान में उच्च गति की ट्रेनें (शिंकानसेन, TGV)।

(iii) जल परिवहन (Water Transport)

  • सबसे सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन माध्यम।
  • भारत में जल परिवहन:
    • प्रमुख बंदरगाह: मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, विशाखापत्तनम।
    • राष्ट्रीय जलमार्ग: गंगा (NW1), ब्रह्मपुत्र (NW2), गोदावरी (NW4)।
  • विश्व में जल परिवहन:
    • महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग – पनामा नहर, स्वेज नहर, मलक्का जलडमरूमध्य।

(iv) वायु परिवहन (Air Transport)

  • सबसे तेज़ लेकिन महंगा परिवहन।
  • भारत में वायु परिवहन:
    • प्रमुख हवाई अड्डे – दिल्ली (IGI), मुंबई (CSIA), बेंगलुरु, चेन्नई।
    • UDAN योजना – छोटे शहरों को वायु नेटवर्क से जोड़ने की पहल।
  • विश्व में वायु परिवहन:
    • प्रमुख हवाई अड्डे – अटलांटा, बीजिंग, दुबई, हीथ्रो।

2. वैश्विक और राष्ट्रीय परिवहन मार्गों का भौगोलिक वितरण (Geographical Distribution of Transport Networks)

(i) वैश्विक परिवहन मार्ग (Global Transport Routes)

  • प्रमुख समुद्री मार्ग – अटलांटिक महासागर मार्ग (यूएस-यूरोप), पनामा नहर, स्वेज नहर।
  • प्रमुख हवाई मार्ग – यूएस-यूरोप, एशिया-यूरोप, एशिया-यूएस।
  • प्रमुख रेल मार्ग – ट्रांस-साइबेरियन रेलवे, यूरोप-चीन रेल कॉरिडोर।

(ii) भारत में परिवहन नेटवर्क

  • उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ता है।
  • भारतीय रेलवे का प्रमुख नेटवर्क – मुंबई-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता।
  • राष्ट्रीय जलमार्गों को बढ़ावा देने के लिए गंगा और ब्रह्मपुत्र पर जलमार्ग विकसित किए जा रहे हैं।

3. संचार के प्रमुख साधन (Major Means of Communication)

संचार आधुनिक समाज का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसमें टेलीफोन, इंटरनेट, रेडियो, टेलीविजन और उपग्रह संचार शामिल हैं।

(i) टेलीफोन और मोबाइल संचार (Telephone and Mobile Communication)

  • भारत और विश्व में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार तेज़ी से हुआ है।
  • 5G और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों का विकास।
  • प्रमुख दूरसंचार कंपनियाँ – Jio, Airtel, Vodafone, BSNL।

(ii) इंटरनेट और डिजिटल संचार (Internet and Digital Communication)

  • ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल बैंकिंग के लिए आवश्यक।
  • भारत में डिजिटल इंडिया मिशन के तहत इंटरनेट की पहुँच ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ रही है।

(iii) सैटेलाइट संचार (Satellite Communication)

  • उपग्रहों का उपयोग टेलीविजन प्रसारण, मौसम पूर्वानुमान और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
  • भारत में ISRO द्वारा संचार उपग्रह – INSAT, GSAT।

4. वैश्वीकरण और इसके परिवहन और संचार पर प्रभाव (Impact of Globalization on Transport and Communication)

(i) वैश्वीकरण का परिवहन पर प्रभाव

  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन में वृद्धि से परिवहन सेवाओं की माँग बढ़ी।
  • तेज़ और कुशल परिवहन सेवाओं के कारण उत्पादन लागत कम हुई।
  • रेलवे, मेट्रो और वायु मार्गों का वैश्विक स्तर पर विस्तार।

(ii) वैश्वीकरण का संचार पर प्रभाव

  • इंटरनेट और मोबाइल क्रांति से वैश्विक संचार तेज़ और सुलभ हुआ।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Facebook, Twitter, WhatsApp) सूचना प्रसार के महत्वपूर्ण साधन बन गए।
  • डिजिटल भुगतान प्रणाली और ऑनलाइन शॉपिंग को बढ़ावा मिला।

5. पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टिकोण से परिवहन और संचार की चुनौतियाँ (Environmental and Social Challenges of Transport and Communication)

(i) पर्यावरणीय चुनौतियाँ (Environmental Challenges)

  1. वायु प्रदूषण: वाहनों और उद्योगों से CO₂ और NOx उत्सर्जन बढ़ रहा है।
  2. ध्वनि प्रदूषण: परिवहन साधनों के कारण शहरी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण बढ़ा है।
  3. भूमि उपयोग परिवर्तन: सड़क और रेलवे नेटवर्क विस्तार से वनों की कटाई और भूमि क्षरण।

(ii) सामाजिक चुनौतियाँ (Social Challenges)

  1. यातायात जाम और शहरीकरण: अधिक वाहनों से यातायात की भीड़ बढ़ रही है।
  2. डिजिटल विभाजन: ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में संचार सुविधाओं की कमी।
  3. साइबर सुरक्षा खतरे: इंटरनेट और मोबाइल संचार के बढ़ते उपयोग से डेटा सुरक्षा जोखिम बढ़े हैं।

परिवहन और संचार का विकास किसी भी देश की आर्थिक समृद्धि, व्यापार और सामाजिक एकीकरण के लिए आवश्यक है। हालाँकि, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ बनानी होंगी। भारत में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, डिजिटल इंडिया मिशन, और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।