ऊर्जा संसाधन और उनका भौगोलिक वितरण (Energy Resources and Their Geographical Distribution)

ऊर्जा संसाधन और उनका भौगोलिक वितरण (Energy Resources and Their Geographical Distribution)

  • ऊर्जा के प्रकार: पारंपरिक (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस) और गैर-पारंपरिक (सौर, पवन, जल, जैव ऊर्जा)
  • ऊर्जा संसाधनों का भौगोलिक वितरण और उनकी महत्ता
  • ऊर्जा संकट, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत और ऊर्जा संरक्षण
  • भारत में ऊर्जा संसाधन और उनका उपयोग

1. ऊर्जा के प्रकार (Types of Energy Resources)

ऊर्जा संसाधनों को दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है:

(i) पारंपरिक ऊर्जा संसाधन (Conventional Energy Resources)

ये ऊर्जा स्रोत प्राकृतिक रूप से लाखों वर्षों में बनते हैं और सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
मुख्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोत:

  1. कोयला (Coal) – भारत में झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में प्रमुख कोयला भंडार हैं।
  2. पेट्रोलियम (Petroleum) – प्रमुख तेल क्षेत्र असम, गुजरात, मुंबई हाई और राजस्थान में हैं।
  3. प्राकृतिक गैस (Natural Gas) – मुख्य भंडार असम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और मुंबई हाई में स्थित हैं।

(ii) गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधन (Non-Conventional Energy Resources)

ये नवीकरणीय (Renewable) और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोत हैं।
मुख्य गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत:

  1. सौर ऊर्जा (Solar Energy) – राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में प्रमुख सौर ऊर्जा संयंत्र हैं।
  2. पवन ऊर्जा (Wind Energy) – तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक पवन ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी हैं।
  3. जलविद्युत ऊर्जा (Hydropower Energy) – भाखड़ा नांगल, टिहरी, सरदार सरोवर जैसे प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएँ।
  4. जैव ऊर्जा (Bio-Energy) – कृषि अपशिष्ट, गोबर गैस और जैव ईंधन के रूप में उपयोग।

2. ऊर्जा संसाधनों का भौगोलिक वितरण और उनकी महत्ता (Geographical Distribution and Importance of Energy Resources)

(i) कोयला (Coal)

  • भारत में दुनिया का पाँचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है।
  • प्रमुख कोयला क्षेत्र: झारखंड (झरिया, बोकारो), ओडिशा (तालचेर), छत्तीसगढ़ (कोरबा), पश्चिम बंगाल (रानीगंज)
  • महत्ता: उद्योगों, रेलवे, और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण।

(ii) पेट्रोलियम (Petroleum)

  • प्रमुख तेल क्षेत्र: असम (डिगबोई, नाहरकटिया), गुजरात (अंकोलेश्वर, कंबे), मुंबई हाई, राजस्थान (बाड़मेर)
  • महत्ता: परिवहन, रसायन और औद्योगिक उत्पादन में उपयोगी।

(iii) प्राकृतिक गैस (Natural Gas)

  • गैस उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र: असम, त्रिपुरा, कृष्णा-गोदावरी बेसिन, मुंबई हाई, गुजरात
  • महत्ता: बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग, और रसोई गैस (LPG) के रूप में उपयोग।

(iv) सौर ऊर्जा (Solar Energy)

  • राजस्थान (थार मरुस्थल), गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश प्रमुख सौर ऊर्जा केंद्र।
  • महत्ता: अक्षय और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत।

(v) पवन ऊर्जा (Wind Energy)

  • भारत का तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान पवन ऊर्जा में अग्रणी।
  • महत्ता: स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का प्रमुख स्रोत।

(vi) जलविद्युत ऊर्जा (Hydropower Energy)

  • प्रमुख परियोजनाएँ: भाखड़ा नांगल (पंजाब-हरियाणा), टिहरी (उत्तराखंड), सरदार सरोवर (गुजरात), हीराकुंड (ओडिशा)।
  • महत्ता: स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण।

3. ऊर्जा संकट, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत और ऊर्जा संरक्षण (Energy Crisis, Alternative Sources, and Energy Conservation)

(i) ऊर्जा संकट (Energy Crisis)

  • बढ़ती मांग: उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा की अत्यधिक मांग।
  • संसाधनों की सीमितता: कोयला और पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक संसाधनों का तेजी से दोहन।
  • आयात पर निर्भरता: भारत कच्चे तेल का 85% से अधिक आयात करता है

(ii) वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत (Alternative Energy Sources)

  1. हाइड्रोजन ऊर्जा: भविष्य में एक स्वच्छ और प्रभावी ऊर्जा स्रोत।
  2. परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy): तमिलनाडु (कुडनकुलम), महाराष्ट्र (तारापुर), राजस्थान और कर्नाटक में परमाणु संयंत्र हैं।
  3. जैव ईंधन (Bio-Fuels): गन्ने और जैव अपशिष्ट से प्राप्त ऊर्जा।

(iii) ऊर्जा संरक्षण के उपाय (Energy Conservation Measures)

  1. ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency): LED बल्ब, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा-बचत तकनीकों का उपयोग।
  2. नवीकरणीय ऊर्जा का प्रोत्साहन: सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा।
  3. परिवहन में सुधार: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग।
  4. ऊर्जा अपशिष्ट को कम करना: ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता अभियान।

4. भारत में ऊर्जा संसाधन और उनका उपयोग (Energy Resources in India and Their Utilization)

(i) भारत में ऊर्जा की मांग और आपूर्ति (Energy Demand and Supply in India)

  • भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है।
  • कुल ऊर्जा खपत में 55% कोयला, 30% पेट्रोलियम, 7% प्राकृतिक गैस, और 8% नवीकरणीय स्रोतों से आती है।
  • बिजली उत्पादन में 60% थर्मल (कोयला आधारित), 25% नवीकरणीय, और 15% जलविद्युत व परमाणु ऊर्जा का योगदान।

(ii) ऊर्जा नीति और सरकार की पहल (Energy Policies and Government Initiatives)

  1. राष्ट्रीय सौर मिशन (National Solar Mission) – 2030 तक 280 GW सौर ऊर्जा लक्ष्य।
  2. ऊर्जा संरक्षण अधिनियम (Energy Conservation Act, 2001) – ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए।
  3. राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा मिशन (National Bio-Energy Mission) – जैव ईंधन और जैव ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  4. स्मार्ट ग्रिड मिशन – बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए।

ऊर्जा संसाधन आर्थिक विकास का प्रमुख आधार हैं, लेकिन पारंपरिक स्रोतों की सीमितता के कारण वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर देना आवश्यक है। भारत नवीकरणीय ऊर्जा में विश्व स्तर पर अग्रणी बनने की दिशा में अग्रसर है। ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के उपाय अपनाकर भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित कर सकता है।